सचिन तेन्दुलकर की जिंदगी की सच्चाई को दर्शाती फिल्म–सचिन: “ए बिलियन ड्रीम्स”

सचिन तेंदुलकर की जिंदगी पर आधारित फिल्म सचिन: “ए बिलियन ड्रीम्स” शुक्रवार को रिलीज हो गई है इस फिल्म के जरिए सचिन तेंदुलकर के 24 साल के क्रिकेट अनुभव को दिखाया गया है जिसमें उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को बहुत ही अच्छे से पर्दे पर दिखाया गया है ।2011 वर्ल्ड कप तक की बेहतरीन यादें इस फिल्म में दर्शायी गई है।

इस फिल्म के जरिए आप सचिन की जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं को भी जान पाएंगे जिनमें से कुछ को मैं आपके साथ शेयर कर रही हूं।

1-: क्रिकेट के लिए भूखा रहना भी मंजूर था-  जब 2011 का वर्ल्ड कप था तो सेमीफाइनल के दिन मोहाली में समय पर टीम को खाना नहीं मिल पाया था पहले उन्हें पाकिस्तान टीम की सुरक्षा व्यवस्था के कारण होटल में नाश्ता नहीं मिला और टीम इंडिया बिना खाना खाए ही मैदान में आ गई उस दिन लंच भी लेट था सचिन ने तब अपने खिलाड़ियों को यह कहकर उत्साहित किया कि आप खेल पर ध्यान दें खाने के बारे में न सोचे।

2-: गुड लक विश पसंद नहीं था-  सचिन तेंदुलकर को जब भी कोई मैच से पहले गुड लक विश करता था तो वह मना कर देते थे कि ऐसा ना कहें।

3-: अंजलि का प्यार-  सचिन की पत्नी अंजलि ने सचिन को पहली बार 1990 में देखा था तब से वह सचिन को बहुत पसंद करने लगी थी। अंजलि न्यूज़पेपर में से सचिन की फोटो की कटिंग निकाल कर अपनी बुक में रख लेती थी जिससे किताबें पढ़ते समय वह उन्हें देख सकें।

4-: विवि रिचर्ड बने आइडल- विवि रिचर्ड ने सचिन को उस समय संभाला जब 2007 में भारत वर्ल्ड कप हार गया था जिससे सचिन को बहुत धक्का लगा था जिसके कारण वह 7 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकले थे। सचिन ने क्रिकेट छोड़ने का भी मन बना लिया था उसी स्थिति में विवि रिचर्ड ने फोन पर सचिन को समझाया कि वह खेल जारी रखें। विवि रिचर्ड के फोन से सचिन को बहुत ताकत मिली।

5-: जब पैर में चोट लगी-:  2011 में सचिन के पैर का अंगूठा टूट गया था जिस में डॉक्टरों ने कह दिया था कि यह चोट कभी नहीं भरेगी उन्हें अपने घुटने पर ज्यादा भार न देने की सलाह दी गई अपने कैरियर के 12 साल तक उन्हें अपने अंगूठी की बहुत देखभाल करनी पड़ी थी।

6-: अर्जुन लड़ गए थे अपने पापा के लिए-  2007 में वर्ल्ड कप हारने के बाद सचिन की फैमिली ने भी बहुत टॉर्चर झेला। एक बार अर्जुन (सचिन के बेटे) से स्कूल में उनके क्लासमेट ने कह दिया था कि सचिन की वजह से मैच हारे हैं तो अर्जुन ने उस लड़के को नीचे गिरा दिया था और कहा था कि- “दुबारा बोल कर दिखा”। अर्जुन का गुस्सा भी इस फिल्म के जरिए दिखाया गया है।

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